कारण, लक्षण, प्रभाव और संपूर्ण समाधान

एंटीरियर पेल्विक टिल्ट

एंटीरियर पेल्विक टिल्ट (Anterior Pelvic Tilt): कारण, लक्षण, प्रभाव और संपूर्ण समाधान आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में हम घंटों तक ऑफिस की कुर्सी पर बैठे रहते हैं, मोबाइल पर झुके रहते हैं या फिर काम की व्यस्तता में व्यायाम करना भूल जाते हैं।

नतीजा –

धीरे-धीरे हमारा शरीर गलत पोश्चर का शिकार हो जाता है। इसी में सबसे आम लेकिन नज़र अंदाज़ की जाने वाली समस्या है एंटीरियर पेल्विक टिल्ट (Anterior Pelvic Tilt)। यह समस्या न केवल हमारे शरीर के संतुलन को बिगाड़ती है, बल्कि लंबे समय में रीढ़ की हड्डी और मांसपेशियों पर गंभीर दबाव डाल सकती है।

आइए विस्तार से समझते हैं –एंटीरियर पेल्विक टिल्ट क्या है?

हमारे शरीर का पेल्विस (Pelvis) यानी कूल्हों की हड्डी, रीढ़ की हड्डी और पैरों को जोड़ने का आधार है। जब यह पेल्विस आगे की ओर ज्यादा झुक जाती है और निचली कमर (Lower Back) का घुमाव बढ़ जाता है, तो उसे एंटीरियर पेल्विक टिल्ट कहा जाता है।

👉 साधारण भाषा में – पेट बाहर की ओर निकलना और कमर का निचला हिस्सा ज्यादा मुड़ जाना, यही एंटीरियर पेल्विक टिल्ट है।

एंटीरियर पेल्विक टिल्ट के मुख्य कारण

यह समस्या अचानक नहीं होती, बल्कि हमारी आदतों और जीवनशैली की वजह से धीरे-धीरे विकसित होती है।

1. लंबे समय तक बैठना (Prolonged Sitting)–

ऑफिस की कुर्सी या पढ़ाई करते समय लगातार बैठने से हिप फ्लेक्सर (Hip Flexor) टाइट हो जाते हैं और ग्लूट्स (Glutes) कमजोर हो जाते हैं।

2. कमजोर ग्लूट्स और हैमस्ट्रिंग्स–

पीछे की मांसपेशियाँ (Glutes और Hamstrings) अगर सक्रिय नहीं हैं, तो शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है।

3. गलत पोश्चर–

झुककर चलना, आगे की ओर झुके हुए बैठना या लगातार मोबाइल की स्क्रीन पर नजर गड़ाना।

4. व्यायाम की कमी–

स्ट्रेचिंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग न करने से मांसपेशियों का असंतुलन (Muscle Imbalance) बढ़ता है।

5. कोर मसल्स की कमजोरी–

पेट और निचली पीठ की मांसपेशियाँ संतुलित न होने पर Pelvis आगे की ओर खिंच जाती है।

6. अनुवांशिक या आदतें–

कुछ लोगों में यह समस्या उनकी आदतों, चलने के तरीके या शरीर की संरचना की वजह से भी हो सकती है।

एंटीरियर पेल्विक टिल्ट के लक्षण

एंटीरियर पेल्विक टिल्ट से होने वाले नुकसान अगर इस समस्या को समय रहते ठीक न किया जाए तो इसके कई नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं:

1. रीढ़ की हड्डी पर दबाव –

लगातार झुकी हुई स्थिति से डिस्क और वर्टिब्रा पर दबाव बढ़ जाता है।

एंटीरियर पेल्विक टिल्ट से बचाव और समाधान अच्छी बात यह है कि इस समस्या को व्यायाम, योग और सही आदतों से आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

योग

एंटीरियर पेल्विक टिल्ट

क्वाड स्ट्रेच – दीवार का सहारा लेकर एक पैर पीछे मोड़ें और एड़ी को हिप्स की ओर खींचें।

कैट-काउ योगासन – रीढ़ की लचीलापन बढ़ाने के लिए उत्तम।

प्लैंक – पेट और कोर को मजबूत करने के लिए।

हैमस्ट्रिंग कर्ल – जांघों और हिप्स को संतुलित रखने के लिए।

मकरासन – कमर दर्द कम करने के लिए।

ताड़ासन – शरीर का संतुलन सुधारने के लिए।

5. लाइफस्टाइल में बदलाव रोज़ाना 20–30 मिनट हल्की स्ट्रेचिंग या योग करें। संतुलित आहार लें और पानी पर्याप्त मात्रा में पिएँ। आरामदायक गद्दे और तकिए का प्रयोग करें।

विशेषज्ञ की राय फिजियो थैरेपिस्ट और ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ मानते हैं कि APT का सबसे बड़ा कारण गलत पोश्चर और मांसपेशियों का असंतुलन है।

यदि समय रहते ध्यान दिया जाए तो यह समस्या पूरी तरह ठीक हो सकती है।

निष्कर्ष

एंटीरियर पेल्विक टिल्ट एक आम लेकिन गंभीर असर डालने वाली समस्या है। इसे अनदेखा करना गलत है, क्योंकि यह आपकी रीढ़ की हड्डी, मांसपेशियों और आत्मविश्वास तीनों को प्रभावित करती है।

👉 सही व्यायाम, योग, पोश्चर और जीवनशैली के बदलाव अपनाकर न केवल इस समस्या से बचा जा सकता है बल्कि शरीर को मजबूत और संतुलित भी बनाया जा सकता है।

आप लोगों ने कही महसूस किया होगा कि जिन लोगों के एंटीरियर पेल्विक टिल्ट (Anterior Pelvic Tilt): जैसी बीमारी होती है वो लोग बहुत ही शर्म महसूस करते है और उन्हें अपने आप पर भी भरोसा नहीं होता ।

इसलिए जिस व्यक्ति को एंटीरियर पेल्विक टिल्ट (Anterior Pelvic Tilt) जैसी कोई परेशानी है तो प्लीज उसको शेयर अवश्य करे। ताकि वो अपना इलाज कर सके और लोगों के मुंह बंद कर सके ।

आपका धन्यवाद

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